नीरज राजपूत :
- क्या होटल ड्रीमलैंड को बचाने में रेल बाजार थाना प्रभारी बोल गए झूठ, कब तक जारी रहेगी होटल ड्रीमलैंड को यह छूट?
- जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का..... की तर्ज पर चल रहा कानपुर के थाना रेल बाजार अंतर्गत होटल ड्रीमलैंड
- अय्याशी का अड्डा बने होटल ड्रीमलैंड से त्रस्त हैं कई क्षेत्रवासी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में मौजूदा कानपुर एसएसपी प्रीतिंदर सिंह कानपुर पुलिस की छवि को चार चांद लगाने के उद्देश्य से दिन-रात गुड वर्क में लगे हुए हैं जिसके फलस्वरूप शहर के बड़े सटोरियों में आईपीएल के दौरान भी एक दहशत देखने को मिल रही है जिसका पूरा श्रेय शहर के कप्तान को दिए जाने से हमें गुरेज नहीं करना चाहिए। जबकि दूसरी तरफ कानपुर शहर के एक थाना प्रभारी ट्विटर के माध्यम से खुलेआम झूठ परोसने का काम कर रहे हैं।
क्या हैं पूरा मामला?
कानपुर शहर के अंदर व्यभिचार का गढ़ बन चुके होटल संचालकों को कानपुर का थाना रेल बाजार किस प्रकार से संरक्षण देने का काम कर रहा है इसकी एक बानगी बीते दिनों थाना प्रभारी द्वारा प्रस्तुत की गई। जिसमें ट्विटर के माध्यम से शेयर की गई समाचार पत्र की कटिंग पर बीते दिन जवाब देते हुए थाना प्रभारी यह कह गए कि जब आज उन्होंने होटल में छापेमारी की तो छापेमारी के दौरान कमरा नंबर 102 में अवधेश सिंह एवं उनकी पत्नी रुके हुए थे जिनके आईडी प्रूफ होटल संचालक के पास हैं जिसकी फोटो समाचार पत्र में दिखाई गई हैं।
थाना प्रभारी की माने तो समाचार पत्र में दिखाई जा रही तस्वीर अवधेश सिंह की पत्नी की है जो होटल में रुके हुए हैं। जबकि सच तो यह है कि समाचार पत्र में दिखाई जा रही तस्वीर 27 सितंबर की है ओरिया समाचार 28 सितंबर को प्रकाशित हुआ था जिसमें यह प्रेमी युगल महज कुछ घंटों के लिए ही होटल के कमरे की सुविधा उठाकर तुरंत वापस चले गए थे। इसी कड़ी में हमारा भी थाना प्रभारी महोदय से मात्र इतना निवेदन है कि उनकी सतर्क दृष्टि के बावजूद भी बीते दिनों कई प्रेमी युगल लोकल की आईडी और बिना आईडी दोनों ही माध्यमों से बालिग और नाबालिग युगलों की होटल परिसर में ना सिर्फ एंट्री हुई बल्कि कुछ घंटों के लिए इन्होंने यहां के कमरों की सुविधा का आनंद भी उठाया जिसे थाना प्रभारी होटल ड्रीमलैंड में लगे सीसी टीवी के माध्यम से भी जांच सकते हैं।